Top News
Next Story
NewsPoint

जम्मू कश्मीर में निर्दलीय और मनोनीत विधायक निभाएंगे किंगमेकर की भूमिका, क्या इस फार्मूले पर बनेगी भाजपा सरकार?

Send Push

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनावी नतीजें मंगलवार 8 अक्टूबर को घोषित क‍िए जाएंगे, लेकिन एग्जिट पोल के रुझानों के बाद सभी सियासी दल सूबे में सरकार गठन की संभावनाओं को तलाश रहे हैं. सूबे के तीनों मुख्य दल कांग्रेस, एनसी और भाजपा अपनी-अपनी रणनीतियों के तहत सियासी बिसात बिछाने में लगी हुई हैं.

भाजपा खेमे में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल साफ तौर पर देखी जा रही है. 90 सीटों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए 46 सीटों के बहुमत का आंकड़ा पार करना होगा. लेकिन लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा की ओर से विधानसभा के लिए पांच लोगों को नॉमिनेट किये जाने के बाद विधायकों की कुल संख्या 95 हो जाएगी और बहुमत का आंकड़ा बढ़कर 48 हो जाएगा. ऐसे में भाजपा सत्ता हासिल करने के लिए तमाम विकल्पों पर विचार कर रही है.

दरअसल भाजपा को उम्मीद है कि उसे जम्मू संभाग इलाके की 43 विधानसभा सीटों में से 32 से 35 सीटें मिल सकती हैं. वहीं कश्मीर संभाग की 47 विधानसभी सीटों पर बेहतर प्रदर्शन की भी भाजपा उम्मीद कर रही है. इसके साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं. इसको लेकर भाजपा ने फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है.

बहुमत के दूर होने और सबसे बड़े दल के तौर पर उभरने पर भाजपा की कोशिश निर्दलीय और छोटी पार्टियों से जीते विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश करने का होगा. दरअसल जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने 62 सीटों पर ही चुनाव लड़ी है, बाकी 28 सीटों पर निर्दलीय और छोटे दलों को समर्थन किया था. ऐसे में भाजपा का यह दांव उसे सत्ता का मजबूत दावेदार बना सकता है.

भाजपा दूसरे दलों, निर्दल‍ियों और बागी उम्मीदवारों को साधने की कोशिश तभी करेगी, जब उसे सरकार बनाने के आसार नजर आएंगे. वहीं जम्मू कश्मीर एलजी के द्वारा नामित किए जाने वाले पांच विधायक सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं. मनोनीत सदस्य निर्वाचित विधायकों के बराबर काम करते हैं और उन्हें वोटिंग का अधिकार होता है. ऐसे में इनकी भूमिका किंगमेकर की हो सकती है.

कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन से पहले पांच विधायकों के मनोनयन पर पहले ही कड़ा विरोध जताया है और ऐसे किसी भी कदम को लोकतंत्र और संविधान के मूल सिद्धांतों पर हमला बताया है.

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद 90 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में मतदान हुआ है. चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.

एकेएस/

The post first appeared on .

Explore more on Newspoint
Loving Newspoint? Download the app now